मंगलवार, 26 जून 2018

योग का अंतरराश्ट्रीय जलवा

 योग विज्ञान को देष.विदेष में और ज्यादा लोकप्रिय और प्रासंगिक बनाने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बहुत बडा हाथ है। मोदी की पहल पर 2014 में संयुक्त राश्ट्र संघ ने  21 जून को अंतरराश्ट्रीय योग दिवस घोशित किया था। 2015 से लगातार इस दिन को अंतरराश्ट्रीय योग दिवस के रुप में मनाया जा रहा है।  21 जून क्योंकि धरती का सबसे बडा दिन होता हैए इसलिए इस दिन योग दिवस मनाने की अहमियत और ज्यादा बढ जाती है। देष का प्रधानमंत्री अगर लोगों की संगत में खुद योगासन करेए तो आम आदमी का भी इसके प्रति आकर्शित होना तय है। पिछले चार साल से मोदी हर साल योग दिवस में षरीक हो रहे हैं। वीरवार को प्रधानमंत्री ने देहरादून में वन अनुसंधान केन्द्र के मैदान में पचास हजार लोगों संग योगासन किए। अंतरराश्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून से दक्षिण कोरिया के डबलिन तक योग ने अपनी छटा बिखेरी। भारतीय सैनिकों  में थलए वायु और नभ में आसन लगाए। वायु सेना के सैनिकों ने पद्रह हजार फीट ऊंचाई से पैराषूट की सहायता से बायु में ंयोग की मुद्राएं कर देष की स्मृद्धि का संदेष दिया। भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने 12 हजार से 18 हजार ऊंची चोटियों पर योगासन कर और अरुणाचल प्रदेष की दिगारू नदी के पानी में खडे होकर भ्रामरी योगासन किए। केरल के कोचि तट पर तैनात नौसेना के जंगी जहाज आईएनएस जमुना पर नौसैनिकों ने योगसान किए। पूर्वी नौसेना के सबमेरीन स्टाफ ने बिषाखापट्ट््नम  में बंगाल की खाडी में तेणानत जंगी जहाज आईएनएस विराट और अमेरिकी हवाई क्षेत्र में तैनात युद्धपोत सहयाद्री के नौसैनिकों ने योगासन किए। प्ूरे देष में वीरवार को हर जगह यही जज्बा दिखाई दिया। प्रचलित कहावत एश्एनऐपल ए डेए कीपस डाक्टर अयेश् की ही तरह अब श्हर रोज योगए दूर रहे रोगश् ज्यादा लोकप्रिय् है। अमेरिका में कैंसर और हार्ट अटैक के बाद सबसे ज्यादा रोगी मानसिक तनाव के मामले सामने आते हैं और 33 फीसदी से भी ज्यादा हैल्थ बजट इस पर खर्च  किया जाता है। दुनिया में हर साल तेरह खरब डॉलर से ज्यादा हैल्थ पर खर्च कियात् जा रहा है और 2040 तक यह बढकर 18ण्28 खरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। 2016 में हैल्थकेयर उत्पादों पर 32ण्8 अरब डॉलर खर्च किए गए थे और 2022 तक यह  220ण्3 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। ब्यूटी पर ही हर साल 22 अरब डालर खर्च किए जाते हैं और हर महिला औसतन साल में 15ए000 डॉलर ब्यूटी प्रॉड्क्ट पर खर्च  करती है। इन सब भारी भरकम खचर्ोंं को  योगासन करके काफी हद तक बचाया जा सकता है और इस विषाल राषि को दुनिया से भुखमरी हटाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अध्ययन से यह बात भी सामने आई है कि योगासन करने वाले ज्यादा तंदुरुस्त रहते हैं और योग न करने वालों से 40 से 60 फीसदी कम खर्च  कर प्रति व्यक्ति 2360 डालर की बचत करते हैं। एलोपैथी दवाओं के नियमित इस्तेमाल से षरीर में प्रतिरोधक क्षमता लगातार गिरती है मगर इसके विपरीत योग उत्तक्षरोतर इस क्षमता को बढाता है।  क्या यह सब काफी नहीं हैघ्  मेडिकल की ही तरह योग भी साइंस है और हर रोग का योगासन से निदान किया जा सकता है। यहां तक कि कैंसरओं और हार्ट अटैक जैसे जानलेवा रोगों का भी योग से उपचार किया जा सकता है। अमेरिका के एक वैज्ञानिक ने लंबे समय तक अनुसंधान करके योगासन की वैज्ञानिक उपयोगिता को प्रमाणित किया है। योग को प्रोत्साहित करके प्रधानमंरी मोदी ने वास्तव में देष को पाष्चत्य की नकल करने वालों से बचाया है। महान भारत के लिए प्रधानमंत्री का यह बडा उपहार है।