सीना पर बार-बार युद्ध विराम (सीज फायर) तोडने से आजिज सीमा सुरक्षा बल ने पाकिस्तान को इस कद्र मुंह तोड जवाब दिया कि दुश्मनों को “सीज फायर“ के लिए भारत के समक्ष गिडगडाना पडा। सीमा सुरक्षा बल की इस बहादुरी से पूरे देस का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। रमजान के पवित्र माह में भी पाकिस्तान अपनी “नापाक“ हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान पडोसी बनने की बजाए रमजान में भी “दुश्मनी “ निभा रहा है। दुश्मन के तो हर हाल में दांत खट्टे किए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कश्मीर दौरे के समय रविवार को 19 सेकेंड के वीडियो में दिखाया गया कि किस तरह सीमा सुरक्षा बल ने पाकिस्तान की चौकियों पर ताबडतोड फायरिंग करके पाकिस्तानी रेजर्स को सघर्ष विराम पर गिडगिडाने के लिए विवश कर दिया। कहते हैं “ लातों के भूत बातों से नहीं मानते“। यह जुमला पाकिस्तान पर सौ फीसदी मौजूं होता है। भारत कुछ भी कर ले, पाकिस्तान अपनी दुश्मनी निभाएगा ही। 16 मई से सीमा पर पाकिस्तान द्वारां लगातार फायरिंग कर रहा है। सोमवार को जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान ने फिर मोर्टार् दागे। इसमें एक पुलिसकर्मी और दो नागरिक जख्म हो गए। इससे पहले शुक्रवार को पाकिस्तानी गोलीबारी में एक सैनिक और चार नागरिक मारे गए थे। इस साल अब तक 18 सैनिकों समेत 36 लोगों को अपनी जान गंवानी पडी है। 26/11 नर संहार के दस साल बाद ही सही, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाल शरीफ भी कबूल कर चुके हैं कि इस नरसंहार में पाकिस्तान का हाथ था। पूरी दुनिया पाकिस्तान की आतंकी हरकतों की गवाह है। पाकिस्तान के अनन्य मित्र होने का दावा करने वाला विस्तारवादी चीन एकमात्र ऐसा मुल्क है, जो पाकिस्तान को आतंकी देष नहीं मानता है। मगर दुनिया इस सच्चाई को भी जानती है कि चीन यह सब भारत को कूटनीति से सताने के लिए कर रहा है। सच कहा जाए तो पाकिस्तान के साथ-साथ चीन की विस्तारवादी मंषा भारत के लिए ज्यादा चुनौतीपूृर्ण है। पाकिस्तान को सबक सिखाया जा सकता है मगर चीन बेहद काइंया कूटनीतिज्ञ है। सामने से “हिंदी चीनी-चीनी भाई-भाई कहेगा, पीछे से पीठ पर वार करेगा। अप्रैल 27-28 को प्रधानमंत्री एवं चीन के राश्ट्रपति षी जिनपिंग की अनौपचारिक षिखर वार्ता में दोस्टि के कसीदे पढ गए मग्गर इस वार्ता के फौरन बाद चीन ने अरुणाचल प्रदेष ने अपने विस्तारवादी मंसूबों को अंजाम देने लग पडा। चीन ने अरुणाचल प्रदेष से सटे अप्ने अधिकृत क्षेत्र में सोने की खदान खोज निकाला है। इस खदान में सोने, चांदी समेत 6 हजार करोड रु मूल्य के खनिज पाए जाने का अनुमान है। चीन ने इस खदान के लिए अरुणाचल प्रदेष को तिब्बत का हिस्सा बताया है।
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