कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का सात दिवसीय भारत दौरा इन दिनों विदेशी मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है। मीडिया बात चुभ रही है कि कनाडा के प्रधान मंत्री ट्रूडो भारत मैं बिन बुलाये मेहमान की तरह घूम रहे हैं । अमूमन, पश्चिम मुल्कों का मीडिया किसी विदेशी प्रधानमंत्री की भारतीय यात्रा को इतनी तवज्जो नहीं देता है, जितनी इस बार कनाडा के प्रधानमंत्री के भारतीय दीरे को दी जा रही है। विदेशी मीडिया बार-बार इस बात को उछाल रहा है कि भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री की अगवानी में उदासीनता दिखाई है। प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली पहुंचने पर ट्रूडो की अगवानी करने नही गए जबकि अब तक हर विश्व नेता का मोदी ने भारत पहुंचते ही “जादू की झप्पी “ से स्वागत किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा हो या चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग अथवा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, यहां तक कि सउदी अरब के क्राउन प्रिंस तक की अगवानी के लिए प्रधानमंत्री मोदी खुद दिल्ली एयरपोर्ट पर खडे रहे। कनाडाई प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए मोदी ने भेजा भी तो जूनियर मंत्री को । इतना ही नहीं, आगरा में ताजमहल देखने गए प्रधानमंत्री ट्रूडो की अगवानी जिला अधिकारियों ने की। न तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित थे और न ही कोई मंत्री। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के आगरा दौरे के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे समय वहां मौजूद रहे। गुजरात के दौरे के समय भी यही हाल रहा। पंजाब के दौरे के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री की अमृतसर में अगवानी तो नहीं की मगर उनसे मुलाकात जरुर की और खालिस्तान के समर्थकों को कनाडा के समर्थन का मामला भी उठाया। मगर इन सब औपचारिक्ताओं से बेपरवाह कनाडा के प्रधानमंत्री ने स्वदेशी मीडिया में भी खूब सुर्खिया बटोरी। जस्टिन ट्रूडो के मीडिया सलाहकारों ने कनाडाई प्रधानमंत्री के दौरे को सुर्खियां बनाए में कोई कसर नहीं छोडी है। कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो का भारत से पुराना नाता है। वे बचपन में भी भारत आ चुके हैं। तब उनके पिता कनाडा के प्रधानमंत्री थे। ट्रूडो भारतियों के मिजाज और “मसाज“ (आवभगत) से भली-भांति वाकिफ हैं । कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री ट्रूडो सात दिवसीय यात्रा के पहले चरण में सपरिवार भारत की निजी यात्रा पर हैं। इसके समाप्त होते ही उनकी आधिकारिक यात्रा शुरु होगी और तब प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से उनकी मुलाकात भी होगी। वैसे अब तक की रिवायत यह रही है कि विश्व नेता की अधिकारिकारिक यात्रा पहले पूरी की जाती है, निजी यात्रा बाद में। ट्रूडो ने इस बार इस रिवायत को पलट दिया। बहरहाल, भारत ने कनाडा को खालिस्तानियों का हमदर्द बनने के लिए फटकार लगाई है। कनाडा में खालिस्तानियों को भारत के खिलाफ आग उगलने की खुली छूट मिली हूई है। कनाडा के भारवंशियों में सबसे ज्यादा आबादी सिखों की है और चरमपंथी सिखों को प्रधानमंत्री ट्रूडो और उनकी पार्टी का खुला समर्थन है। ट्रूडो की केबिनेट में चार सिख मंत्री हैं और इन्हें चरमपंथियों का समर्थक माना जाता है। 2015 में प्रधानंमत्री ट्रूडो ने भारत पर तंज कसते हुए कहा भी था कि उनके केबिनेट में जितने सिख ंमंत्री हैं, उतने तो भारत में भी नहीं है। पिछले साल पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन से मिलने से इसी वजह इंकार कर दिया था। कनाडाई प्रधानमंत्री के दौरे के प्रति भारत की बेरूखी को एक तरह से कनाडा को भारत की कूटनीतिक फटकार माना जा रहा है हालांकि ट्रूडो ऐसा नहीं मानते हैं। तथापि सच्चाई यही है कि खालिस्तानियों से संबंधों के कारण भारत और कनाडा के बीच तनावपूर्ण रिष्तों को सुधारने के लिए ही ट्रूडो भारत के दौरे पर आए हैं। भारत और कनाडा के बीच संबंध काफी पुराने हैं। दोनों देष लोकतांत्रिक हैं और कामनवैल्थ में साथ-साथ रहे हैं। भारत की संप्रभुता को ललकारना कनाडा के हित में नहीं है। शुक्रवार को मोदी-ट्रूडो के बीच प्रस्तावित मुलाकात से कटुता के बादल छंटने की उम्मीद है।
यह ब्लॉग खोजें
ब्लॉग आर्काइव
- अप्रैल (2)
- मार्च (1)
- सितंबर (2)
- अगस्त (2)
- जुलाई (3)
- जून (2)
- मई (2)
- अप्रैल (4)
- मार्च (9)
- फ़रवरी (7)
- जनवरी (6)
- दिसंबर (11)
- नवंबर (7)
- अक्टूबर (4)
- सितंबर (10)
- अगस्त (22)
- जुलाई (2)
- जून (11)
- मई (12)
- अप्रैल (7)
- मार्च (6)
- फ़रवरी (1)
- दिसंबर (5)
- नवंबर (4)
- अक्टूबर (5)
- सितंबर (17)
- अगस्त (33)
- जुलाई (28)
- जून (21)
- मई (30)
- अप्रैल (20)
- मार्च (20)
- फ़रवरी (23)
- जनवरी (23)
- दिसंबर (22)
- नवंबर (22)
- अक्टूबर (22)
- सितंबर (19)
- अगस्त (22)
- जुलाई (21)
- जून (19)
- मई (20)
- अप्रैल (19)
- मार्च (20)
- फ़रवरी (20)
- जनवरी (19)
- दिसंबर (22)
- नवंबर (21)
- अक्टूबर (21)
- सितंबर (21)
- अगस्त (16)
- जुलाई (15)
- जून (20)
- मई (18)
- अप्रैल (21)
- मार्च (20)
- फ़रवरी (21)
- जनवरी (24)
- दिसंबर (25)
- नवंबर (27)
- अक्टूबर (23)
- सितंबर (27)
- अगस्त (35)
- जुलाई (22)
Copyright 2015 | Chander M Sharma . Blogger द्वारा संचालित.






