शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

मोदी की बढती लोकप्रियता !

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश  के समकालीन नेताओं में सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। इतने कि कोई भी दूसरा नेता उनकी लोकप्रियता की सानी नहीं रखता। यह निष्कर्ष   अमेरिकी के थिंक टैंक प्यू रिसर्च  सेंटर  द्वारा कराए गए ताजा सर्वेक्षण का है। बुधवार को जारी इस सर्वेक्षण के अनुसार 88 फीसदी भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अन्य सभी नेताओं से बेहतर मानते हैं और उनके कामकाज से संतुष्ट  हैं। अन्य कोई भी नेता मोदी की लोकप्रियता के आसपास नहीं है। राहुल गांधी 58 फीसदी लोगों की पसंद है।  नोटबंदी से भी प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में कोई फर्क  नहीं पडा है। प्यू रिसर्च  सेंटर ने यह सर्वे इस साल 21 फरवरी और 10 मार्च के बीच कराया था। यही वह समय है जब नोटबंदी के कारण नगदी का संकट अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ था। सर्वे के अनुसार दस में से आठ का कहना था कि देश  के आर्थिक हालात काफी अच्छे हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक दक्षिण भारत- तमिल नाडु, आंध्र प्रदेश  , कर्नाटक और तेलगांना- और  पश्चिम  भारत- महाराष्ट्र , गुजरात और छतीसगढ-  में मोदी की लोकप्रियता और बढी है। इन राज्यों में द्स मेंसे 9 लोग प्रधानमंत्री की कार्यशैली के कायल हैं। भाजपा के लिए ये सकारात्मक  निष्कर्ष  हैं। गुजरात में अगले माह और छतीसगढ में अगले साल विधनसभा चुनाव होने हैं।  कुल मिलाकर 70 फीसदी (10 मेंसे 7) लोग मौजूदा हालात और सरकार के काम से पूरी तरह से संतुष्ट  हैं । दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल की छवि को सबसे ज्यादा धक्का लगा है। केवल 38 फीसदी ने केजरीवाल को बेहतर माना है। इस मामले में वे राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी पीछे हैं। सोनिया को 57 फीसदी और राहुल गांधी को 58 फीसदी लोगों ने बेहतर माना है। कांग्रेस के लिए यह खुशखबरी है कि राहुल गांधी अब प्रधानमंत्री मोदी से 30 फीसदी ही पीछे हैं। बहरहाल, प्यू  रिसर्च सेंटर की ताजा रिपोर्ट  और  इंडिया टुडे द्वारा मोदी के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर कराए गए सर्वे के  निष्कर्षों   में काफी अंतर है।   इंडिया टुडे ने मई माह के बाद सर्वेक्षण कराया था और प्यू रिसर्च सेंटर ने मई से पहले। इंडिया टुडे के सर्वेक्षण में 63 फीसदी लोगों ने प्रधानमंत्री के कामकाज को बेहतर बताया था और उन्हें बेहतरीन नेता।  इन  सर्वेक्षणों का एक कॉमन  निष्कर्ष   यह है कि दोनों ने  समकालीन नेताओं में राहुल गांधी को ही मोदी का बेहतर विकल्प बताया है।  प्यू रिसर्च  सेंटर ने 58 फीसदी लोगों ने मोदी का निकटतम विकल्प बताया है। इंडिया टुडे के सर्वे में 22 फीसदी लोगों ने राहुल गांधी को मोदी का उम्दा विकल्प बताया है।  इस सर्वेक्षण में राहुल गांधी को  मोदी से  लोकप्रियता में 41 फीसदी पीछे बताया है तो  प्यू रिसर्च सेंटर ने 30 फीसदी पीछे । यानी दोनों में लोकप्रियता का फासला उतरोतर कम होता जा रहा है। इसके यह मायने निकाले जा सकते हैं कि देश  का अवाम अब राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने लग पडा है। भाजपा अभी भी राहुल गांधी को “पप्पू“ कहकर उनकी नेतृत्व क्षमता का मखौल उडाती है। यहां  तक कि राहुल गांधी को “पप्पू“ बताने वाले  गुजरात विधानसभा चुनाव के विज्ञापनों पर चुनाव आयोग को प्रतिबंध लगाना पडा। गुजरात विधानसभा चुनाव में अपने प्रचंड चुनाव प्रचार से राहुल गांधी ने यह सिद्ध भी कर दिया है। चुनाव में हार-जीत तो चलती रहती है। भाजपा इस सच्चाई को जानती है। 1980 में अस्तित्व में आने के बाद से भाजपा को 2014 तक लोकसभा में अपने बूते  स्पष्ट  बहुमत लेने के लिए लंबा सफर करना पडा है। राहुल गांधी को भी अभी लंबा सफर तय करना है। फिलहाल, नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता चरम पर है और राहुल को छोडकर समकालीन नेताओं में किसी में भी उन्हें चुनौती देने का दमखम नहीं है। राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने भी इस बात को माना है।