मंगलवार, 26 सितंबर 2017

झूठ फरेब पाकिस्तान की फितरत

संयुक्त  राष्ट्र  महासभा में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के ओजस्वी भाषण से तिलमिलाए पाकिस्तान ने झूठ-फरेब का सहारा लेकर अपनी जंग हंसाई करवाई है। विदेश  मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान पर तल्ख तंज कसते हुए कहा है,“ हम डाक्टर, वैज्ञानिक तैयार करते हैं, पाकिस्तान आतंकी“। हम गरीबी से लडते हैं, पाकिस्तान हमसे“।  स्वराज के भाषण को जहां दुनिया भर में सराहा जा रहा है, वहीं पाकिस्तान में भी इस पर खटटी-मिठ्ठी प्रतिक्रियाएं हो रही हैं। इससे भनभनाया पाकिस्तान संयुक्त  राष्ट्र  महासभा में भारतीय विदेश  मंत्री की  वजनदार दलीलों की काट तो कर नहीं पाया, बस कश्मीर  का राग अलापता रहा। संयुक्त  राष्ट्र  में पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने  कश्मीर  में महिलाओं और बच्चों पर भारत की कथित ज्यादतियों को प्रमाणित करने के लिए झूठ-फरेब का सहारा  लिया और महासभा में गाजा की महिला  की फोटो को कश्मीरी  महिला बताकर अपनी ही भदद करवाई है। मोहतरमा मलीहा लोधी ने अपने भाषण में जिस महिला को कश्मीरी बताया , वह वास्तव में गाजा पट्टी की  राव्या थी। मोहतरमा मलीहा इस फोटो के सहारे यह दर्शाने  की कोशिश  कर रही थी कि भारतीय सुरक्षा बल किस तरह पैलेट गोलियों का  बेजा इस्तेमाल करके महिलाओं पर अत्याचार करते हैं। फोटो में महिला के चेहरे पर पैलेट गन के निशान थे। ट्वीटर पर पाकिस्तान मिशन यूएन अकांउट में  शान से इस फोटो को पोस्ट करते हुए दावा किया गया “ पैलेट गैन से घायल कश्मीरी  लडकी भारत का असली चेहरा है“।  मोहतरमा मलीहा लोधी  ने भी इस फोटो को  रीटवीट किया। इस लडकी का चेहरा देखने पर एकदम स्पष्ट  हो जाता है कि इसके नाक-नक्श   महिलाओं से एकदम भिन्न है।  गूगल पर सर्च किए जाने पर साफ हो गया कि फोटो  कश्मीरी  महिला की नहीं, अलबत्ता गाजा पट्टी की राव्या है। इस तस्वीर को  मशहूर  फोटोग्राफर हेडी लेवाइन ने जुलाई, 2014 में गाजा पट्टी में खींचा था। हेडी को गाजा पट्टी की उम्दा  तस्वीरों के लिए कई अवार्ड भी मिल चुके हैं। इस तस्वीर को ब्रिटेन के समाचार पत्र गाार्जियन ने अपनी फोटो गैलरी में भी जगह दे रखी है। अखबार ने बाकायदा इस फोटो को  शीर्षक  देकर बताया है कि “गाजा पट्टी की महिला राव्या इसराइल के हमले में घायल होकर अस्पताल में भर्ती है“। अब सवाल यह है कि संयुक्त राष्ट्र  महासभा जैसे अंतरराष्ट्रीय  मंच पर अपनी बात कहने के लिए पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि को झूठ का सहारा क्यों लेना पडा जबकि वे अच्छी तरह जानती थी कि इंटरनेट के युग में  देर-सबेर उनका यह  झूठ-फरेब अततः  पकडा जाएगा? उन्होंने ं अपने देश  की जंगहंसाई करवाकर क्या हासिल कर लिया़?  मोहतरमा मलीहा लोधी की इस हरकत से भारतीय विदेश  मंत्री के कथन और भी अधिक प्रासंगिक कर दिए हैं। पाकिस्तान वाकई सिर्फ  और सिर्फ  भारत को नीचा दिखाना चाहता है और इसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है। पाकिस्तान और उसके नुमाइंदों की इस तरह की बेजा हरकतों से किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। इस्लामाबाद आज तक यही कर रहा है। शिमला और लाहौर संधि में  कश्मीर  समस्या को द्धिपक्षीय वार्ता से हल करने की बात मानने के बावजूद पाकिस्तान बार-बार इसे अंतरराष्ट्रीय  मंचों पर उछालने से बाज नही आ रहा है। भारत को अशान्त  रख्ने के लिए उसने आतंकी संगठन तक पाल रखे हैं। जैसा कि विदेश  मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है,“ जिन के घर शीशे  के होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते“। पूरी दुनिया इस सच्चाई को जानती है कि पाकिस्तानी सेना पाक अधिकृत  कश्मीर , बलूचिस्तान और सिंध में महिलाओं और बच्चों पर किस कदर अमानवीय अत्यावार कर रही है। बीबीसी ने अपनी खोजपूर्ण  रिपोर्ट में बताया है कि किस तरह पाकिस्तान बलूचिस्तान में महिलाओं पर जुल्म-दर-जुल्म ढा रहा है और इसके बावजूद महिलाएं सिर उठाकर कहती हैं, “ यह बलूचिस्तान है, पाकिस्तान नहीं“। यही पाकिस्तान का असली चेहरा है।