राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी को विपक्ष ने उप-राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाकर सत्तारूढ गठबंधन को घेरने की चाल चली है। तथापि, विपक्ष की इस रणनीति में गांधी का नाम भुनाने की कोशिश गोपाल कृष्ण गांधी की योग्यता पर भारी पडती नजर आ रही है। देश में पंचायत से लेकर राष्ट्रपति उम्मीदवार का चयन विशुद्ध वोट बैंक गणित पर आधारित रहता है। वैसे उदारवादी विचारक एवं विद्धान गोपाल कृष्ण गांधी की महात्मा गांधी के पोते होने के अलावा अपनी खास पहचान है। 1968 में भारतीय प्रषासनिक सेवा में आने के बाद 1992 में उन्होने स्वेच्छा से “बाबूगिरी“ को छोड भी दिया। गोपाल गांधी कई महत्वपूर्ण ओहदों पर रह चुके हैं। वे 1985 से 1987 तक उप-राष्ट्रपति के सचिव और 1987 से 1992 तक राष्ट्रपति के सचिव भी रहे। वे नार्वे और आइसलैंड में भारत के राजदूत और दक्षिण अफ्रीका तथा लेसोथो में राजनयिक भी रह चुके हैं। 2004 से 2009 तक गोपाल कृष्ण गांधी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। तब इस राज्य में वाम (लेफ्ट) मोर्चे की सरकार थी। नंदीग्राम किसान आंदोलन को लेकर गाँधी ने तीस साल से बंगाल की सत्ता पर काबिज वाम मोर्चे को आडे हाथों भी लिया था। गोपाल कृष्ण गांधी विवादास्पद मामलों पर अपनी स्पश्ट राय रखने के लिए जाने जाते हैं। वे गोरक्षा और आक्रामक राजनीति के मुखर आलोचक रहे हैं और राजनीति में पारदर्शिता और नैतिकता के पक्षधर हैं। वर्तमान में गोपाल कृष्ण अशोक यूनिवर्सिटी में राजनीति और इतिहास के प्रोफेसर हैं। सत्तारुढ गठबंधन ने अभी तक अपना उम्मीदवार तय नहीं किया है मगर माना जा रहा है कि भाजपा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) से जुडे किसी अनुसूचित जनजातीय अथवा अल्पसंख्यक को अपना उम्मीदवार बना सकती है। उप-राष्ट्रपति चुनाव के लिए पांच अगस्त को मतदान होगा। मौजूदा उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल दस अगस्त को पूरा हो रहा है। यह उनका दूसरा कार्यकाल है। उप-राष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं। यह उनकी प्रमुख संवैधानिक जिम्मेदारी है। इसलिए उप-राष्ट्रपति पद का चुनाव भी अहम माना जाता है। किसी कारणवश राष्ट्रपति का पद बीच में खाली होने पर उप-राष्ट्रपति को ही राष्ट्रपति की जिम्मेदारी का निर्वहन करना पडता है। राष्ट्रपति पद कभी खाली नहीं रह सकता। राष्ट्रपति चुनाव से अलग उप-राष्ट्रपति का चुनाव केवल सांसदों द्वारा किया जाता है जबकि राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में 784 सांसद और 4,114 विधायक हैं। विशेष बात यह है कि मनोनीत सांसद राष्ट्रपति चुनाव में मतदान नहीं कर सकते मगर उप-राष्ट्रपति चुनाव में अपना वोट डाल सकते हैं। और दूसरी विशेषता यह है कि उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को मात्र 20 प्रस्तावक और 20 ही अनुमोदक की अनिवार्यता है जबकि राष्ट्रपति प्रत्याशी के लिए 50 प्रस्तावक और 50 अनुमोदक अनिवार्य हैं। उप-राष्ट्रपति चुनाव के लिए मौजूदा निर्वाचक मंडल में कुल मिलाकर 790 सदस्य हैं। इनमें राज्यसभा के निर्वाचित 233 और 12 मनोनीत सदस्य हैं। लोकसभा के 543 निर्वाचित और 2 मनोनीत सदस्य हैं। भाजपा नीत सत्तारूढ गठबंधन राजग को अन्नाद्रमुक, इनलो और बीजू जनता दल का भी समर्थन है। उप-राष्ट्रपति चुनाव से पहले 17 जुलाई को राष्ट्रपति का चुनाव होना है। इस चुनाव में कडा मुकाबला हो सकता था। एआईएडीएमके, बीजू जनता दल, आम आदमी पार्टी, इंडियन नेशनल लोक दल और आंध्र प्रदेश की स्थानीय पार्टी वाईएसआरसीपी के पास कुल राष्ट्रपति निर्वाचक मंडल के 13 फीसदी वोट हैं और संयुक्त विपक्ष के पास 35.47 फीसदी वोट। अगर समूची विपक्षी पार्टियां एकजुट हो जाती तो विपक्ष के 48.53 फीसदी और सत्तारूढ गठबंधन के 48.64 फीसदी में कडा मुकाबला हो सकता था मगर ऐसा नहीं हुआ। इस स्थिति में विपक्ष के उम्मीदवार का जीत पाना मुमकिन नहीं लग पा रहा है। योग्यता अगर उप-राष्ट्रपति चुनाव का एकमात्र मानदंड होता तो गोपाल कृष्ण गांधी शर्तिया चुन लिए जाते। दुर्भाग्यवश , देश में योग्यता को दरकिनार करने की रिवायत है ।
यह ब्लॉग खोजें
ब्लॉग आर्काइव
- अप्रैल (2)
- मार्च (1)
- सितंबर (2)
- अगस्त (2)
- जुलाई (3)
- जून (2)
- मई (2)
- अप्रैल (4)
- मार्च (9)
- फ़रवरी (7)
- जनवरी (6)
- दिसंबर (11)
- नवंबर (7)
- अक्टूबर (4)
- सितंबर (10)
- अगस्त (22)
- जुलाई (2)
- जून (11)
- मई (12)
- अप्रैल (7)
- मार्च (6)
- फ़रवरी (1)
- दिसंबर (5)
- नवंबर (4)
- अक्टूबर (5)
- सितंबर (17)
- अगस्त (33)
- जुलाई (28)
- जून (21)
- मई (30)
- अप्रैल (20)
- मार्च (20)
- फ़रवरी (23)
- जनवरी (23)
- दिसंबर (22)
- नवंबर (22)
- अक्टूबर (22)
- सितंबर (19)
- अगस्त (22)
- जुलाई (21)
- जून (19)
- मई (20)
- अप्रैल (19)
- मार्च (20)
- फ़रवरी (20)
- जनवरी (19)
- दिसंबर (22)
- नवंबर (21)
- अक्टूबर (21)
- सितंबर (21)
- अगस्त (16)
- जुलाई (15)
- जून (20)
- मई (18)
- अप्रैल (21)
- मार्च (20)
- फ़रवरी (21)
- जनवरी (24)
- दिसंबर (25)
- नवंबर (27)
- अक्टूबर (23)
- सितंबर (27)
- अगस्त (35)
- जुलाई (22)
Copyright 2015 | Chander M Sharma . Blogger द्वारा संचालित.






