आईआईटी में दाखिले के लिए आयोजित परीक्षा जेईई एडवांस्ड में पंचकूला के छात्र सर्वेश मेहतानी ने पहला स्थान हासिल करके पूरे देश में टाईसिटी का नाम रोशन किया है। जेईई एडवांस्ड परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाती है। इस टेस्ट में रैंक पानी ही बहुत बडी उपलब्धि है, पहला स्थान हासिल करना तो वाकई अभूतपूर्व सफलता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्राईसिटी (चंडीगढ, पंचकूला और मोहाली) के तीन छात्रों ने टॉप टेन में अपना स्थान बनाया है। चंडीमंदिर कैंट एरिया के आशीष वैकर ने सातवां तथा चंडीगढ के रचित बंसल ने नौवां स्थान हासिल किया है। सर्वेश ने तो सफलता की बुलदियों को चूमा है। जेईई मेन्स में सर्वेश का 55वां रैंक था मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दिन-रात पढाई करके अपने लक्ष्य को पा लिया। उनकी कामयाबी अन्य परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। हरियाणा के चार छात्रों ने भी टॉप टेन में स्थान बनाकर प्रदेश का नाम रोशन किया है । इतना ही नहीं राज्य के 12 से भी ज्यादा छात्र टॉप 100 में स्थान बनाने में कामयाब रहे हैं। पटियाला के रचित बंसल ने नौंवा स्थान हासिल कर पंजाब का नाम रोशन किया है। इस बार बेटियों का जेईई एडवांस्ड परीक्षा के टॉप 30 में स्थान हासिल नहीं कर पाना थोडा निराशाजनक है मगर सबसे ज्यादा क्वालिफाई करके बेटियों ने यह कसर पूरी कर दी है। जेईई मेन्स में 360 मेंसे 360 अंक लेने वाले कल्पित टॉप टेन में अपना स्थान नहीं बना पाए हैं। उनका जेईई एडवांस्ड में 109वां रैंक है मगर उन्होंने अपनी आरक्षित कैटगरी में टॉप किया है। इस बार जेईई एडवांस्ड में 1 लाख 59 हजार 540 परीक्षार्थी अपीयर हुए थे पर 50,455 ही टेस्ट को क्वालीफाई कर पाए जबकि पहली बार अधिकतम 18 बोनस मार्क्स भी दिए गए हैं। आंसर की में छात्रों का फीडबैक मिलने के बाद आईआईटी मद्रास ने पहले 11 और फिर 7 बोनस मार्क्स दिए। इसका असर यह हुआ कि कट ऑफ 126 तक आ गया। पिछले साल कट ऑफ 100 पर था। इससे पहले दो बार 10 और एक बार 11 बोनस मार्क्स दिए गए थे मगर कट ऑफ पर ज्यादा असर नहीं पडा था। बोनस मार्क्स को मेहनती छात्रों के साथ खिलवाड माना जा रहा है। बहरहाल, पूरे देश में ट्राईसिटी, हरियाणा और पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में नित नई बुलिदियां छू रहा है। 11 साल पहले पंचकूला के रघु महाजन ने भी इसी परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया था। इस बार ट्राईसिटी के आठ होनहारों ने जेईई एडवांस्ड के टॉप 100 में अपना स्थान बनाया है। छात्रों की शानदार सफलता ने फिर साबित कर दिया है कि ट्राईसिटी शिक्षा के क्षेत्र में रीजन में ही नहीं, पूरे देश में अव्वल है। अभी मेडिकल दाखिले की प्रवेश परीक्षा “नीट“ का परिणाम आना बाकी है। पहले की तरह इस बार भी ट्राईसिटी के होनहारों के टॉप स्थान ग्रहण करने की पूरी उम्मीद है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को दस दिन के भीतर परिणाम घोषित करने के आदेश दिए है। मद्रास हाई कोर्ट ने 24 मई को नीट का परिंणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। ट्राईसिटी के होनहार जेईई मेम्स, जेईई एडवांस्ड और नीट में ही नहीं बल्कि अखिल भारतीय सिविल सर्विसिस परीक्ष में भी शानदार परिणाम ला रहे है़। इस बार अमृतसर के अनमोल सिंह बेदी ने देश में दूसरा स्थान पाकर रीजन का नाम रोशन किया है। 31 मई को घोषित सिविल सर्विस परीक्षा परिणाम में चडीगढ के तीन होनहारों ने परीक्षा में सफलता पाई है हालांकि पहली बार ऐसा हुआ है कि ट्राईसिटी को पहले सौ स्थान में जगह नहीं मिल पाई है। 2015 में पंचकूला के अभिजीत कप्लिश ने 15वां रैंक हासिल किया था और ट्राईसिटी के पांच परीक्षार्थियों ने टॉप 100 रैंक में स्थान पाया था। सिविल सर्विस परीक्षा में भी ट्राईसिटी के होनहार बराबर अपना जलवा दिखा रहे हैं।
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