बहुत पुरानी लोकप्रिय कहावत है “ देर आए, दुरुस्त आए“। आतंकी हाफिज सईद के मामले में पाकिस्तान के ताजा रुख पर यह कहावत एकदम चरितार्थ होती है। पाकिस्तान को अब जाकर पता चला है कि हाफिज सईद आतंकी है और उसके लिए भी बडा खतरा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने माना है कि आतंकी का कोई धर्म नही होता है। आतंकी मुस्लिम या हिंदू नहीं होता, वह सिर्फ आतंकी होता है। हाल ही में पाकिस्तान ने सईद हाफिज को लेकर कुछ कडे कदम उठाए हैं, जिनके लिए भारत लंबे समय से इस्लामाबाद पर दबाव डाल रहा था। लगभग एक माह पहले 30 जनवरी को पाकिस्तान सरकार ने हाफिज सईद को नजरबंद किया। फिर उसे आतंकियों की सूची में शामिल किया गया। और एक दिन पहले हाफिज सईद और उसके कारिंदों के सभी 44 हथियारों के लाइसेंस रदद कर दिए गए । इन कदमों से भारत को भी लग रहा है कि पाकिस्तान अब आतंकी सईद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने को विवश हो रहा है। हाफिज सईद मुंबई के 26/11 (2008) आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है। मुंबई में 26 नवंबर से 29 तक तीन तक जारी नर संहार में 164 निर्दोष लोग मारे गए थे और 308 घायल हुए थे। भारत के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि 26/11 का आतंकी हमला हाफिज सईद ने अपने कारिदों से करवाया था। भारत ने पाकिस्तान को इस बात के पुख्ता सबूत भी दिए थे मगर इस्लामाबाद मानता ही नहीं था। और अब जब पाकिस्तान ने अधिकृत तौर पर माना है कि हाफिज सईद आतंकी है और पाकिस्तान समाज के लिए भी खतरा है, उस पर ठोस कार्रवाई बनती है। पाकिस्तान के ताजा कदम से लग रहा है कि इसके लिए जमीन तैयार की जा रही है। तथापि, यह इतना आसान नहीं है। पाकिस्तान के धार्मिक और कटटरपंथियों के साथ-साथ राजनेताओं ने भी रक्षा मंत्री के इस बयान की तीखी आलोचना की है और खवाजा पर आरोप लगाया है कि वे भारत की जुबान बोल रहे हैं। वैसे भी पाकिस्तान के राजनेता देश के बाहर आतंक पर पाक दामन साबित करने के लिए अक्सर विवादास्पद वक्तव्य देते रहते हैं।। मगर स्वदेश लौटते ही उनकी जुबान फिर पलट जाती है। पाकिस्तान की सत्ता में सेना का खासा दखल है और सेना कटटरपंथियों और धर्मगुरुओं की मददगार है। बगैर सेना की मदद के आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करना सहज नहीं है। बहरहाल, भारत को इस मुगालते में नहीं रहना चाहिए कि पाकिस्तान ने भारत को खुश करने के लिए आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई की है। दरअसल, अमेरिका में कटटरपंथी डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से पाकिस्तान खासा डरा हुआ है। मुंबई आतंकी हमले मे 6 अमेरिकी के मारे जाने से क्षुब्ध अमेरिका ने भी हाफिज सईद पर 1 करोड डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। कहते हैं लोहे को लोहा ही काटता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पदभार संभालते ही ईरान, इराक, सीरिया और लीबिया समेत सात मुस्लिम देशों से अमेरिकी को आवाजाही बंद कर दी । ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को भी सात मुस्लिम देशों की तरह प्रतिबंधित करने की धमकी दे रखी है। हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व उच्च अधिकारी केविन हल्बर्ट ने पाकिस्तान को पूरी दुनिया के लिए सबसे खतरनाक देश बताया है। हल्बर्ट का आकलन है कि नाकाम अर्थव्यवस्था, न्युक्लियर वेपन्स और तेजी से पनप रहे आतंक के कारण पाकिस्तान दुनिया के लिए खतरा बनता जा रहा है। देर से ही सही पर आतंकी सईद के खिलाफ कार्रवाई से भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में व्याप्त शिथिलता कुछ हद तक दूर हो सकती है और द्धिपक्षीय वार्ता के द्धार खुल सकते हैं। दो पडोसी ज्यादा देर तक एल-दूसरे से पीठ फेर कर नही रह सकते। बडी-से-बडी समस्या का हल भी बातचीत से निकल आता है।
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