मंगलवार, 21 फ़रवरी 2017

खिलाडियों की बोली

क्रिकेट के सबसे बडे कुंभ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सीजन-10 के लिए सोमवार को बंगलुरु में खिलाडियों की बोली लगाई गईं। 29 विदेशियों समेत कुल 66 खिलाडियों की नीलामी हुई। नीलामी में 39 भारतीय 25.25 करोड रु में  और 29 विदेशी खिलाडी 67.4 करोड रु में बिके। इंग्लैंड के दो खिलाडी सबसे महंगे बिके जबकि वे पूरा  सीजन भी नहीं खेलेंगे। इसके बावजूद आईपीएल में पहली बार  शामिल होने वाले  इंग्लैंड के आल-राउंडर बेन स्टोक्स सबसे मंहगे 14.5 करोड रु में बिके। इंग्लैंड के ही टाइमल मिल्स 12 करोड रु में बिके। दो करोड रु से अधिक की कीमत पर बिकने वाले 18 खिलाडियों में सिर्फ 6 भारतीय हैं। नीलामी में सबसे ज्यादा 17.2 करोड रु की बोली राइजिंग पुणे सुपरजाइंटस की टीम ने लगाई। पहली बार आईपीएल की नीलामी में आईसीसी के एसोसिएट देशों  के खिलाडियों को  शामिल किया गया। इसी कारण  पहली बार अफगानिस्तान के दो खिलाडी मोहम्मद नबी और राशिद खान को खरीदा गया। अफगानिस्तान के गेंदबाज  रशीद  खान को चार करोड रु में खरीदा गया।  इस बार आईपीएल में चौंकाने वाली बोलियां लगी। भारत के गैदबाज इशांत शर्मा   और इरफान पठान को कोई खरीदार नहीं मिला। पिछले सीजन में  इशांत शर्मा  को  राइजिंग पुणे सुपरजाइंटस ने 3.8 करोड रु में खरीदा था। तमिल नाडु के गरीब मजदूर का बेटा थंगरासू नटराजन तीन करोड रु में बिका। 25 वर्षीय  बाए हाथ के तेज गेंदबाज है। कमाल की बात यह है कि नटराजन की बेस प्राइज मात्र दस लाख रु थी।  नटराजन को किंग्स इलेवन पंजाब ने खरीदा। टीम के मेंटर  वीरेन्द्र सहवाग नटराजन को बेहतरीन गेंदबाज बता चुके हैं।  नटराजन की 140 किलोमीटर रफ्तार की स्ट्रेट सीम पोजिशन वाली “यार्कर“ को खेलना बेहद  मुश्किल  है। सहवाग ने इसीलिए उन्हें चुना है। इंग्लैंड के टाइमल मिल्स की बेस प्राइस 50 लाख रु थी मगर उन्हें 12 करोड रु में खरीदा गया। अफगानिस्तान के रशीद  खान की 50 लाख रु की बेस प्राइस की तुलना में चार करोड रु में खरीदा गया। दस लाख की बेस प्राइस वाले गुरुगन  आश्विन  एक करोड में बिके। इन बोलियां से साफ पता चलता है कि खरीदार फ्रेंचाइजी खिलाडी की जीत की क्षमता को खासा तरजीह दे रहे हैं। इसीलिए  इशांत शर्मा  की जगह तमिल नाडु के  थंगरासू नटराजन  को ज्यादा उपयोगी माना गया। आईपीएल 5 अप्रैल से शुरु होगा और 21 मई को खत्म होगा। पूरे 47 दिन तक 60 मैच खेल जाएंगे। मैच फिक्सिंग के आरोपों और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी की विवादस्पद भूमिका से दागदार होने के बावजूद आईपीएल पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय है। और यह खेल अंतरराष्ट्रीय  सीमाएं तोड कर मुल्कों को आपस में जोडने का काम कर रहा है। सोमवार को अफगानिस्तान के दो खिलाडियों का आईपीएल में चयन से पूरा देश  भारत के प्रति कृतज्ञ नजर आया। अफगानिस्तान की दो मुख्य एजेंसियां- खामा और पॉजाक- द्वारा इस खबर को ब्रेक करते और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड  के अधिकृत फेसबुक पेज में पोस्ट होते ही  शेयर, लाइक और कमेंट का तांता लग गया। अफगानी  हिंदुस्तान-अफगानिस्तान दोस्ती जिंदाबाद बोलने लगे।  अकेला पाकिस्तान ऐसा देश  है जिसे आईपीएल से दूर रखा गया है। इसके लिए आतंक को पालने वाली पाकिस्तान सरकार खुद जिम्मेदार है। दुनिया का कोई भी देश  पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने के लिए तैयार नहीं है। आईपीएल जैसे कमर्शियल  आयोजन ने भारत में खेल और खिलाडियों को सम्मान और ईनाम के नए-नए आयाम उपलब्ध  कराए हैं। क्रिकेट खिलाडियों के अलावा अब हॉकी, बैडमिंटन, रैसलिंग और कब्बडी के खिलाडियों को भी ऊंचे दामों में खरीदा जा रहा है। इससे इन खेलों को खासा प्रोत्साहन मिल रहा है। रेसलिंग में प्रो-स्पोर्टिफाई की पहल पर प्रो-रेसलिंग लीग ने  पहलवानों को नए आयाम प्रदान किए हैं। देश में खेल और खिलाडियों को बुलदियों पर ले जाने के लिए आईपीएल,  प्रो-रेसलिंग लीग जैसे आयोजन निहायत जरुरी  है।