भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर पाकिस्तानी आतंकियों को मारा गिराना और उनके लांचपेड्स नेस्तानाबूद करने के बाद युद्ध की आशंका से पंजाब के सीमावर्ती गांवों को आनन-फानन में खाली करवाकर सरकार ने खामख्वाह 'वार हिस्टीरिया' का माहौल बनाया है। यह स्थिति ठीक उस गडरिए की तरह है जो ”भेडिया आया, भेडिया आया“ चिल्लाकर लोगों को डराया करता था मगर जब वास्तव में भेडिया आया तो कोई भी उसकी मदद को नहीं आया"। अपना घर-बार, खेत-खलिहान और खडी फसल छोडना कोई भी नहीं चाहता और अगर उसे विवश किया जाए, तो वह इसका पुरजोर प्रतिकार करता है। इसकी झलक पंजाब के मुख्यमंत्री की सीमावर्ती गांवो के शरणार्थी शिविरों के दौरे के दौरान देखने को मिली और उन्हें लोगों का गुस्सा झेलना पडा। पंजाब में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान से युद्ध की आशंका से अब तक लगभग एक हजार सीमावर्ती गांवों को खाली करवाया जा चुका है। पाकिस्तान से लगती सीमा के दस किलोमोटर के दायरे में स्थित सभी स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी खाली करवा दिया गया है और हजारों परिवारों को शरणार्थियों की तरह अस्थायी (मेक-शिफ्ट्) शिविरों में रहना पड रहा है। सरकार की पहल के बावजूद कुछ परिवार अभी भी सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे हैं। एलओसी पर बढते तनाव के दृष्टिगत सीमा सुरक्षा बल ने सीमा नियंत्रण रेखा के आसपास के क्षेत्रों में नागरिकों की आवाजाही भी पूरी तरह से रोक दी है। तथापि विपक्ष का आरोप है कि भाजपा नीत राजग सरकार सर्जिकल स्ट्राइक की आड में पूरे देश में ”वार हिस्टीरिया” का माहौल खडा कर तीन माह बाद उत्तर प्रदेश एवं पंजाब समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में इसे भुनाने की फिराक में है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह का भी यही कथन है। पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार सर्जिकल स्ट्राइक के बावजूद भारतीय सेना अभी भी “पीस टाइम जोन्स“ में स्थित है मगर पंजाब के किसानों और ग्रामीणों को खामख्वाह ”बलि का बकरा” बनाया जा रहा है। यह सब उत्तर प्रदेश एवं पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत किया जा रहा है। पंजाब प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष का कहना है कि युद्ध की रती भर भी आशंका नहीं है, फिर पंजाब के किसानों की खडी फसल को क्यों बर्बाद किया जा रहा है? कैप्टन अमरिंदर सिंह के कथन में काफी वजन है। पूरी दुनिया यह बात जानती है कि अब परपंरागत (कंवेशनल) युद्ध का जमाना नहीं रहा। अगला युद्ध परमाणु हथियारों से लडा जा सकता है। पाकिस्तान गाहे-बगाहे परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी भी देता रहता है। वैसे, पाकिस्तान इस सच्चाई से भली-भांति परिचित है कि कंवेशनल वॉर में वह भारत से कभी नहीं जीत सकता। और अगर परमाणु युद्ध लडा जाता है, तो दोनों देश में भारी तबाही मच सकती है। सच यह है कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत के साथ आतंकियों के मार्फत प्रॉक्सी युद्ध लड रहा है और आगे भी लडता रहेगा। सरकार और उसकी खुफिया एजेंसियां खुद इस बात की चेतावनी दे रही हैं कि पाकिस्तान आतंकियों के मार्फत भारत में आतंकी हमले करवाने की फिराक में है। पाकिस्तान भारत को आर्थिक तौर पर पूरी तरह से बर्बाद करने पर आमादा है। कश्मीर घाटी को आतंकियों ने आर्थिक और पर पूरी तरह तबाह कर डाला है और आम आदमी के भूखों मरने की नौबत आन पडी है। उस पर सीमावर्ती क्षेत्रो को खाली कराए जाने से पीडितों को भी तबाही की कगार पर ला खडा कर दिया है। सीमावर्ती गांवों को खाली करवाकर लोगों को ज्यादा देर तक श शरर्णाथी शिविरं में नहीं रखा जा सकता। देर-सबेर उन्हें उनके गावों में लौटाना पडेगा। युद्ध की निर्मूल आशंका से सियासी रोटियां नहीं सेंकी जानी चाहिए।
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