गुरुवार, 13 अक्टूबर 2016

बातें कम, काम ज्यादा !

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लखनऊ के ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला के मंच से पाकिस्तान को ललकारते हुए फिर चेताया है कि आंतकवाद को शह देने वाले बख्शे  नहीं जाएंगे़। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री की यह पहली जनसभा थी, इसलिए इस पर दुश्मनो की नजरें भी टिकीं हुईं थी। मोदी का यह कथन काबिलेगौर है कि शांति बनाए रखने के लिए कभी-कभी युद्ध भी जरुरी हो जाता है। प्रधानमंत्री के इस कथन के यह मायने लगाए जा रहे हैं कि आतंकवाद के खात्मे के लिए भारत पाकिस्तान के साथ युद्ध लड सकता है। पूरे देश  की यही आवाज है। मगर प्रधानमंत्री ने साथ में यह भी कहा है कि भारत “युद्ध से बुद्ध” की ओर जाने वाला देश  है। तो इसके क्या मायने लगाए जाएं कि भारत “गौतम बुद्ध“ के मार्ग  पर चलेगा। भाजपा के नेताओं के बारे यह पुख्ता धारणा है कि वे “लफ्फाजी“ खूब करते हैं। वैसे रामलीला के मंच से युद्ध की बातें करना अपने-आप में सरकार की छटपटाहट  दर्शाता  है । पाकिस्तान की बेजा हरकतों और आए दिन की धमकियों से अब तो देश का बच्चा-बचा भी आजिज आ चुका है। सर्जिकल स्ट्राइक से तिलमिलाए पाकिस्तान और उसके पिठ्ठू आतंकियों ने  कश्मीर में आतंकी घटनाएं और तेज कर दी हैं। पिछले सोमवार को  राजधानी श्रीनगर के निकट पंपोर में सीआरपीएफ की बस पर हमले करने के बाद तीन पाकिस्तानी आतंकी सरकारी बिल्डिंग में छिप गए थे। 60 घंटे तक  सुरक्षा बलों पर गोलीबार करते रहे और तब कहीं जाकर तीनों मारे गए। इससे पहले इस साल फ्ररवरी माह में भी आतंकियों ने इसी बिल्डिंग में छिपकर सुरक्षा बलों पर हमला किया था। मंगलवार को घाटी के  शोपियां जिले में आतंकियों ने सैनिकों पर ग्रेनेड से हमला किया था जिसमें दो जवान और सात नागरिक बुरी तरह जख्मी हो गए थे । सर्जिकल स्ट्राइक के चार दिन बाद बारामुल्ला में बीएसएफ और सैन्य शिविरों पर  आतंकियों के हमले में एक बीएसएफ जवान शहीद  और दूसरा जख्मी हो गया था।  6 अक्टूबर को घाटी की लंगेट तहसील में आतंकियों ने सेना के  शिविर पर हमला किया था और इसमें तीन आतंकी मारे गए थे। दो दिन बाद 8 अक्टूबर को शोपियां में पुलिस चौकी पर हमले करके भाग निकले। इस हमले मे एक पुलिसकर्मी मारा गया था। और अब पंपोर हमला । यह सिलसिला पहले की तरह निरंतर जारी  है। आखिर, यह कब तक चलता रहेगा? जनमानस को इस बात का सबसे ज्यादा गुस्सा है कि केन्द्र में सतारूढ होने के अढाई साल बाद भी सरकार पाकिस्तान को माकूल जबाव नहीं दे पाया जबकि विपक्ष में रहते हुए भाजपा बडी-बडी बातें किया करती थीं।  और अब पाकिस्तान को उसकी बेजा हरकतों के लिए दंडित करने की बजाए  सर्जिकल स्ट्राइक को  मोदी सरकार को “बहुत बडी उपलब्धि“ बताकर इसका पूरा श्रेय खुद ले रही है। बुधवार को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने “सर्जिकल स्ट्राईक“ का मोदी सरकार को श्रेय देकर फिर एक नया विवाद खडा कर दिया है। कांग्रेस ने फिर इस बात पर ऐतराज जताया है कि सरकार सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय लेकर इसका राजनीतिकरण कर रही है। कांग्रेस को इस बात पर भी  है ऐतराज  कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के साथ लगती नियंत्रण रेखा से दस किलोमीटर के दायरे में स्थित गांवों को खाली करवाकर सरकार ने  खामख्वाह का “वार हिस्ट्रिया“ खडा किया । और यह सब पंजाब में जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव को सामने रखकर किया गया। पंजाब में 33 विधानसभा क्षेत्र सीमावर्ती क्षेत्रों में पडते हैं। बहरहाल, प्रधानमंत्री और भाजपा नेता अपने हर भाषण में पाकिस्तान को सबक सिखाने की बडी-बडी बातें तो करते हैं मगर अमल में अब तक एक सर्जिकल स्ट्राइक के अलावा कोई भी बडी कार्रवाई नहीं हुई है। प्रधानमंत्री ने लखनऊ भाषण में भी वही पुरानी बातें की हैं मगर इसमें सियासी विवशता भी झलकती है। जनमानस अब खाली बातों से आजिज आ चुका है। जनता  ठोस कार्रवाई चाहती है।