“मंजिल अपनी प्रत्यक्ष लिए हम तोड रहे हैं जंजीरें; हम बदल रहे हैं तस्वीरें; ये नवयुग है, ये नव भारत है; खुद लिखेंगे अपनी तकदीर, हम बदल रहे हैं अपनी तस्वीर; हम निकल पडे हैं प्रण करके, अपना तन-मन अर्पण करके“, जिद है एक सूर्य उगाना है, अंबर से ऊंचा जाना है; एक भारत नया बनाना है, एक भारत नया बनाना है“, लाल किले के प्राचीर से 15 अगस्त पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए भारत की तस्वीर पेश की है। अपने पांचवे और इस कार्यकाल में लालकिले की प्राचीर से अंतिम भाषण में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को अनेक सपने दिखाए हैं। अगले स्वत्रंतता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से कौन तिरंगा फहराएगा, मई 2019 में भारतीय अवाम इसका फैसला करेगा मगर कहते हैं दीवारों पर भविष्य की इबारत पहले से ही लिखी होती हैं। और दीवारों पर लिखी इबारतें साफ-साफ पढी जा सकती हैं। देश का प्रधानमंत्री नव भारत के निर्माण को रेखांकित करता है, तो राष्ट्रवासियों को आश्वश्त हो जाना चाहिए। भारत आगे बढ रहा है, इस बात में दो राय नहीं हो सकती। इसे आगे बढाने में किस-किस का योगदान है, इस पर बहस-मुहासिब हो सकती है। प्रधानमंत्री अधीर हैं क्योंकि उनका सपना है कि चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व भारत करे। इसके लिए देश को अपनी क्षमता और संसाधनों का भरपूर दोहन करना पडेगा। काला धन और भ्रष्टाचार देश की जडों को खोखला कर रहा है और बलात्कार की बढती घटनाएं भारत को शर्मसार कर रही है। देश को इससे मुक्त कराना होगा। प्रधानमंत्री ने सख्त कानून का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश के कटनी में बलात्कारियों को पांच दिन में मौत की सजा सुनाए जाने का उल्लेख किया। निंसदेह, इस तरह के फैसले को प्रचारित करने की जरुरत है। मगर सबसे ज्यादा इस बहशी प्रवृति, मानसिकता-सोच पर प्रहार करने की जरुरत है। इस दिशा में खाप, पंचायतें और सामाजिक संगठन प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। तीन तलाक पर संसद में कानून लाकर मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को बडी राहत दी है हालांकि मानसून सत्र में बिल पारित नहीं हो पाया। कश्मीर पर प्रधानमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी की “ कश्मीरियत , इंसानियत और जम्हूरियत“ की नीति अपनाने पर जोर दिया है। हिसा से किसी का भला नहीं होता है। आलोचकों पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने खुद को पत्थर पर लकीर खींचने वाला बताया। उनके विरोधी मक्खन पर लकीर खींचने वाले हैं। आयुष्मान भारत योजना और स्वच्छता अभियान योजना का श्रेय लेते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि स्वच्छता योजना से हर साल तीन लाख बच्चे मौत के मुंह में जाने से बच रहे है। यह विश्व स्वास्थय संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट है। आयुष्मान भारत योजना इस साल 25 सितंबर से शुरु हो जाएगी और इसके तहत हर परिवार के लिए पांच लाख का बीमा कराया जाएगा और दस करोड परिवारों को इसका लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने किसानों को उनके उत्पाद का डेढ गुना ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का जिक्र किया और इसका पूरा श्रेय लिया। अपने भाषण में उन्होंने कई बार किसान का जिक्र किया। दक्षिण भारत का भी विशेष उल्लेख किया। सारांश में ओजस्वी भाषण से प्रधानमंत्रीं ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड अवाम के समक्ष रखा । सत्ता में आने से पहले यह उनका वायदा था। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की और भी कई उपलब्धियां गिनाईं। तथापि उनके भाषण में न तो स्वत्रंतता सेनानियों के अतुल्नीय योगदान का विस्तृत जिक्र था और न ही भारत के गौरवमय स्वाधीनता आंदोलन और 71 साल के सफर का। स्वत्रंतता दिवस राष्ट्रीय पर्व है और देश के हर नागरिक के लिए इसकी बहुत अहमियत होती है। लाल किले की प्राचीर से देश का प्रधानमंत्री बोलता है, पार्टी विशेष का नहीं। प्रधानमंत्री के भाषण में आजाद भारत के 71 साल के सफरनामे का जिक्र होता, तो भाषण और भी अधिक ओजस्वी होता।
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