अब तक के सबसे रोमांचक रहे फुटबाल के “महापर्व“ फीफा वर्ल्ड कप का रविवार को रंगारंग समापन हो गया। 24 दिन के मुकाबलों में 160 गोल दागे गए। बीस साल बाद फ्रांस दूसरी बार विजेता बना। 2018 से पहले फ्रांस ने 1998 में पहली बार फीफा वर्ल्ड कप जीता था । फाइनल में फ्रांस ने क्रोशिया को हराया। लगभग इक्तालीस लाख (41.7 लाख) आबादी वाले क्रोशिया ने फाइनल में पहुंच कर भारत और चीन जैसे विशाल आबादी वाले मुल्कों को जताया है कि जनून और कडी मेहनत से कुछ भी असंभव नहीं है। सवा सौ करोड की आबादी वाला भारत तो आज तक फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई तक नहीं कर पाया है। 1950 के फीफा वर्ल्ड कप में बाई डिफाल्ट क्वालिफाई तो किया था, मगर भारत ने खेलने से इंकार कर दिया था। भारतीय खिलाडियों के पास खेलने के लिए फुटबाल के जूते तक नहीं थे और आयोजकों ने भारत को नंगे पांव खेलने की अनुमति नहीं दी थी। इससे पहले 1948 में लंदन में आयोजित ओलंपिक में भारत की टीम ने फ्रांस के खिलाफ नंगे पांव खेलकर भी कमाल का प्रदर्शन किया था। खेल के 70वें मिनट तक भारत फ्रांस से 1-1 की बराबरी पर था मगर बाद में इस मैच को 2-1 से हार गया था। उस समय फ्रांस भले ही मैच जीत गया था मगर भारत ने फैंस का दिल जीत लिया था। रविवार को क्रोशिया का प्रदर्शन भी उम्दा रहा है। किस्मत ने क्रोशिया का साथ नहीं दिया। पूरे खेल में ज्यादातर समय बॉल क्रोशियाई खिलाडियों के कब्जे में रही, गोल के कई प्रयास किए मगर सफल नहीं हो पाए। एक गोल क्रोषियाई खिलाडी के हैडर से हो गया और एक और गोल वीएआर ( वीडियो असिसटैंट रेफरी) पैनल्टी की बदौलत। पहली बार इस कप के फाइनल में वीएआर का इस्तेमाल हुआ। बहरहाल, समूचा 2018 फीफा वर्ल्ड कप दर्शकों को भारी उलट-फेर से रोमांचित करता रहा। चार बार का फीफा वर्ल्ड कप विजेता इटली इस बार क्वालिफाई तक नहीं कर पाया। 2014 का फीफा वर्ल्ड कप विजेता जर्मनी नॅाक आउट स्टेज में ही बाहर हो गया। जर्मन चार बार विजेता और चार ही बार रनर्स-अप रह चुका है। 33 साल बाद पहले ही मैच में जर्मनी को मेक्सिको ने चित कर दिया। पांच बार का विश्व कप विजेता ब्राजील सेमी-फाइनल में ही बाहर हो गया। दो बार का वर्ल्ड कप चैंपयिन उरुग्वे भी सेमीफाइनल तक पहुंच नहीं पाया। मात्र तीन लाख की आबादी वाले आइसलैंड ने पहले ही मैच में दो बार के फीफा वर्ल्ड कप विजेता अर्जेटीना को ड्रा पर रोक कर बडा उलट-फेर कर दिया। फ्रांस के कोच दिदेए दिशों बतौर खिलाडी और बतौर कोच वर्ल्ड कप जीतने वाले तीसरे शख्सियत है़। 1998 में फ्रांस ने जब वर्ल्ड कप जीता था, तब दिदेए दिशों टीम में शामिल थे। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 16 गोल करने वाले बेल्जियम ने पहली बार कांस्य पदक जीता है। सेनेगल को सबसे ज्यादा येलो कार्ड दिखाने जाने के कारण वर्ल्ड कप से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। रुस में आयोजित 2018 के फीफा वर्ल्ड कप अब तक बेहतरीन आयोजन रहा है। फीफा अध्यक्ष गियानी इन्फैंटिनो ने रुस की मेजबानी को अब तक की सर्वश्रेष्ठ बताया है। इंग्लैंड और यूरोपियन यूनियन के दबाब के बावजूद 2018 वर्ल्ड कप में स्टेडियम दर्शकों से 98 फीसदी भरे रहे। इस आयोजन पर 14 अरब डॉलर से ज्यादा का खर्चा आया है। ट्रुर्नामेंट की कुल प्राइज मनी 2700 करोड रुपए थी। कप विजेता फ्रांस को 256 करोड रु , क्रोशिया को 189 करोड रु और बेल्जियम को 169 करोड रु मिले हैं। अगला वर्ल्ड कप 2022 में कतर में होगा और यह मुल्क लंबे समय से इसकी तैयारियों में जुटा हुआ है। 2002 के बाद पहली बार एशिया में वर्ल्ड कप का आयोजन हो रहा है।
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