रविवार, 18 मार्च 2018

केजरीवाल की माफी पर बगावत

“अपनी जडें काटने में माहिर“ दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सर्वेसर्वा अरविंद केजरीवाल का बडबोलापान अब उनकी ”जी का जंजाल” साबित हो रहा है। पंजाब के सीनियर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर बेबुुनियाद आरोप लगाने के लिए उन्हें अदालत में माफी मांगनी पडी है।  विधान सभा चुनाव के दौरान आप प्रमुख ने मजीठिया पर ड्रग माफिया से कथित संबंधों के संगीन आरोप लगाए थे। इस पर  मजीठिया  ने केजरीवाल, संजय सिंह और आशीष  खेतान पर अमृतसर की अदालत में मानहानि का मामला दायर किया था। केजरीवाल के माफीनामे के बाद  मजीठिया  ने मानहानि का मामला वापस ले लिया है। केजरीवाल को वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी माफी मांगनी पड सकती है। जेटली ने भी केजरीवाल पर बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए मानहानि का  मामला दायर कर रखा है। केजरीवाल के माफीनामे से यही संदेश  मिलता है कि उन्हें “बेबुनियाद“ आरोप लगाने की लत है। अपने माफीनामे में केजरीवाल ने यह बात मानी  भी है। माफीनामे पर पंजाब के आप नेता बेहद खफा हैं।  “आप“ के प्रदेशाध्यक्ष सांसद भगवंत मान और उपाध्यक्ष अमन अरोडा ने अपन-अपनेे पदों से इस्तीफा दे दिया है। आप विधायक दल और पंजाब में विपक्ष के नेता सुखपाल खैहरा ने भी टवीट करके अपनी नाराजगी जाहिर की है। यहां तक कि केजरीवाल के  विश्वास  पात्र राज्यसभा सदस्य संजय सिंह भी नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर कहा है कि इस फैसले से पार्टी के कई नेता नाखुश  है। संजय सिंह ने सफाई भी दी है कि उन्होंने माफी नहीं मांगी है। सबसे तल्ख प्रतिक्रिया कुमार  विश्वास  ने व्यक्त की है। उन्होंने टवीट किया है “ एकता बांटने में माहिर है, अपनी जडें काटने में माहिर है; हम क्या उस शख्स पर थूकें जो खुद, थूक कर चाटने में माहिर है“।   आप नेताओं को सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात पर है कि माफी मांगने से पहले केजरीवाल ने पंजाब के नेताओं से चर्चा तक नहीं की। मामला पंजाब से संबंधित था, इसलिए राज्य नेताओं की राय जाने बगैर माफी मांगना उनका अपमान है। हैरानी इस बात  की भी है कि ऐसे समय में जब एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फौर्स) ने हाई कोर्ट में मजीठिया के खिलाफ ठोस सबूत पेश  किए हैं, माफी मांगने का कोई औचित्य नहीं बनता है।   पार्टी के कार्यकर्ता भी केजरीवाल के इस स्टैंड से स्तब्ध हैं। केन्द्रीय मंत्री और मजीठिया की बहन हरसिमरत कौर बादल ने इसे “ केजरीवाल की ओच्छी राजनीति“ बताया है। लोक इंसाफ पार्टी ने आम आदमी पार्टी से नाता तोड लिया है। पार्टी नेता सिमरजीत सिंह बैंस को लगता है कि केजरीवाल और मजीठिया के बीच कोई डील हुई है।  पंजाब में आम आदमी पार्टी ने नशे  के खिलाफ लडाई लडने और इसे जड से मिटाने का संकल्प ले रखा है। बहरहाल, केजरीवाल के माफीनामे प्रकरण ने पंजाब में पार्टी की बची-खुची साख को भी ध्वस्त कर दिया है।   आप को युवाओं की पार्टी  माना जाता है। पंजाब में 70 फीसदी से भी ज्यादा युवा नशे  की गिरफ्त में है और नशीली वस्तुओं की तस्करी राज्य की सबसे भयावह समस्या है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भौगोलिक निकटता के कारण पंजाब नशीली वस्तुओं की तस्करी का गढ बन चुका है। पिछले साल सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पंजाब में 1325 करोड रु मूल्य की 279 किलो हिरोइन जब्त की थी। ं पंजाब मे अलगावादियों को भडका कर आतंकी हिंसा फैलाने में नाकाम रहने के बाद पाकिस्तान अब नशीले पदार्थों की तस्करी और नकली नोटों का मायाजाल फैला कर इस खुशाहल राज्य को तबाह करना  चाहता है। तट्स्थ लोगों का मानना है कि सियासी लोगों की मदद के बगैर नशी ली वस्तुओं का धंधा मुमकिन नहीं है। यह बात के जरीवाल भी जानते हैं और कहते भी रहे हैं। केजरीवाल का “यू टर्न“ पंजाब के लिए दुखद है।