खट्टी-मिठठी यादों के साथ साल-2017 आज इतिहास के गर्भ में समा जाएगा। मिठठी यादें हमेशा रोमांचित करती हैं। साल 2017 में देश में कई ऐसी अभूतपूर्व घटनाएं हुईं है जिनसे न केवल भारत का पूरी दुनिया में फक्र से सर ऊंचा हुआ है, अलबता भारत ने इस बात का भी अहसास कराया है कि आने वाले समय में उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राजनीति हो या वर्ल्ड स्ट्रैटजी, स्पेस टकनॉलॉजी हो या स्पोर्टस या सैन्य शक्ति, भारत ने साल 2017 में हर मुकाम में बडों-बडों को भी पछाडा है। साल के शुरु में ही 2 जनवरी को देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले ने जात-पात और धर्म-सम्प्रदाय अथवा भाशा के नाम पर वोट मांगने पर चुनाव लडने वाले उम्मीदवार को अयोग्य करार दिया गया। दुनिया के सबसे बडे लोकतंत्र के लिए यह ऐतिहासिक फैसला था और इसका तुरंत असर देखने को भी मिला। साल के शुरु में उत्तर प्रदेश , पंजाब समेत पांच राज्यों और साल के अंत में हिमाचल और गुजरात के विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दल और उम्मीदवार जात-पात और धर्म के नाम पर वोट मांगने से बचते रहे। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को हालांकि अक्षरश लागू करना मुमकिन नहीं है, मगर अदालत की अवमानना के भय ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को 2017 के विधानसभा चुनाव में धर्म और जात-पात के नाम पर वोट मांगने से रोका है। अगले साल 2018 में आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और इस बात की पूरी उम्मीद है कि लोकतंत्र की इस स्वस्थ परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। फरवरी में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था (इसरो) ने एक ही राकेट के जरिए 30 मिनट में सात मुल्कों के एक साथ 104 सैटेलाइटस लांच करके एक नया कीर्तिमान बनाया। आज तक अमेरिका और रुस भी ऐसा नहीं कर पाया था। इससे पहले रुस ने 2014 में एक साथ 34 सैटेलाइटस छोडने का रिकार्ड बनाया था। स्पेस टकनॉलॉजी में अमेरिका और रुस से आगे निकल जाना बहुत बडी बात है और भारत ने यह करिश्मा कर दिखाया है। 15 फरवरी, 2017 का दिन अंतरिक्ष इतिहास में हमेशा भारत के नाम दर्ज रहेगा। इसी साल 1 पहली फरवरी को संसद में बजट पेश करने और रेलवे बजट को आम बजट में समाहित करने का एक नया अध्याय भी लिखा गया। अब तक बजट 28 फरवरी को और इससे दो दिन पहले अलग से रेलवे बजट पेष किया जाता था। साल 2017 की यह घटना भी इतिहास में हमेषा दर्ज रहेगी। इस साल मार्च में पहली बार देश के सबसे बडे राज्य उत्तर प्रदेश में भगवाधारी योगी आदित्यनाथ को मुख्य मंत्री बनाकर भाजपा, खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक नया इतिहास रचा। भाजपा हो या कांग्रेस या बसपा अथवा सपा, अब तक परंपरागत स्थापित सियासी नेता या उसके उतराधिकारी को ही मुख्य मंत्री चुना जाता रहा है। गरीब दलित परिवार से संबंधित रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना भी इस साल की विस्मरणीय घटना है। ऐसा पहली बार हुआ है कि देश के दो सर्वोच्च पदों पर आम आदमी के नुमाइदे पदस्थ हों। आजादी के 70 साल बाद देश में पहली बार क्रांतिकारी गुडस एवं सर्विसिस कर व्यवस्था को लागू किया गया है। हरियाणा की बेटी मानुषी छिब्बर ने 17 साल बाद भारत के लिए मिस वर्ल्ड का खिताब जीत कर इस साल भारत को गौरवान्वित किया है। देश के साथ-साथ हरियाणा का सर भी फक्र से ऊंचा हुआ है। और साल के जाते-जाते लोकसभा द्वारा तीन तलाक की कुप्रथा को कानून अपराध बनाने वाले बिल का पारित किया जाना भी साल की बडी घटना है। हालांकि बिल का कानून बनने से पहले राज्यसभा द्वारा पारित किया जाना अनिवार्य है, मगर ऐतिहासिक पहल हो गई है और मोदी सरकार को 1400 साल पुरानी कुप्रथा को तोडने का श्रेय जाता है। साल 2017 भारत के लिए हर मायने में बेहतर रहा है। इसे खुशी -खुशी अलविदा कहते हुए हम बेहतर नए साल की कामना करते हैं।
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