शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017

पंजाब, हरियाणा को पीछे छोडा

चंडीगढ  ने पेट्रोल-डीजल पर वैट में पांच फीसदी की कटौती करके पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड दिया है। ताजा कटौती से चंडीगढ में पेट्रोल और डीजल 2 रु प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा। पंजाब और हरियाणा ने अभी पेट्रोल-डीजल पर वैट को कम नहीं किया है, इस स्थिति में चंडीगढ में डीजल इन दोनों राज्यों से सस्ता बिकेगा। डीजल में पंजाब में 17.29 फीसदी तो हरियाणा  में 17.22 वैट है। चंडीगढ में डीजल पर सबसे कम 9.68 फीसदी वैट है। पंजाब में पेट्रोल पर रीजन में सबसे अधिक 36.04 फीसदी वैट वसूला जाता है। हरियाणा में 26.25 फीसदी, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में  पेट्रोल पर 27 फीसदी वैट वसूला जाता है। लेकिन पंजाब से कहीं ज्यादा महाराष्ट्र  में पेट्रोल पर 46.52 फीसदी वैट है तो मुंबई में तो पूरे राज्य से अलग सबसे अधिक 47.64 वैट है। आंध्र प्रदेश  में पेट्रोल पर 38.82 फीसदी और मध्य प्रदेश  में 38.79 फीसदी वैट वसूला जा रहा है। हरियाणा, मध्य प्रदेश  और महाराष्ट्र  में भाजपा की सरकार है और आंध्र प्रदेश  में भाजपा के सहयोगी दल तेलगु देशम की सरकार है। केन्द्र ने चार अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज शुल्क को दो रु प्रति लीटर की कटौती की थी। इस कटौती से केन्द्र सरकार को 26,000 करोड रु के राजस्व का नुकसान उठाना पडा। केन्द्र ने राज्यों से भी वैट में पांच फीसदी कटौती करने को कहा है। 29 राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दलो्ं की सरकारे हैं मगर अभी  अभी तक केवल तीन राज्यों-महाराष्ट्र , गुजरात और हिमाचल प्रदेश - ने ही वैट में कटौती की है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश  में विधान सभा चुनाव सिर पर हैं, इसीलिए वैट में कटौती की गई है। पडोसी गुजरात की वजह से महाराष्ट्र  को पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने के लिए बाध्य होना पडा। इस लिहाज से चंडीगढ प्रशासन पहला ऐसी प्रशासनिक क्षेत्र है जिसने वास्तव में वैट में 5 फीसदी कटौती की है। चंडीगढ के ताजा फैसले से अब पंजाब और हरियाणा को भी वैट कम करने के लिए बाध्य होना पड सकता है। पंजाब को महंगे फ्यूल के कारण सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है। चंडीगढ के अलावा हिमाचल प्रदेश  भी पेट्रोल-डीजल पर वैट में कटौती कर चुका है। पेट्रोल-डीजल पर रीजन मे सबसे ज्यादा वैट लगाकर पंजाब को पहले ही इसका खमियाजा भुगतना पड रहा है। आंकडे बताते हैं कि पंजाब में पेट्रोल-डीजल की बिक्री राष्ट्रीय  औसत से काफी कम है।  माहवार प्रति पेट्रोल पंप पेट्रोल-डीजल की 173 किलोलीटर राष्ट्रीय  औसत बिक्री की तुलना में पंजाब में यह औसत मात्र 123 किलोलीटर है जबकि पंजाब को पेट्रोल-डीजल की खपत में मामले में बडी मार्केट माना जाता है। पंजाब की तुलना में हरियाणा में माहवार प्रति पेट्रोल पंप 180 किलोलीटर है। चंडीगढ में यह औसत 380 किलोळीटर प्रति पंप है। देश  में सबसे ज्यादा 3380 पेट्रोल पंप  पंजाब में है और हरियाणा में 2726 पंप हैं। इसके बावजूद भी पंजाब में पेट्रोल-डीजल की कम खपत से साफ है कि महंगे पेट्रोल-डीजल ने राज्य का ज्यादा नुकसान किया है। पंजाब पेट्रोल पंप डीलर्स  एसोसिएशन का भी यही आकलन है कि पंजाब में पडोसी राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा वैट वसूला जा रहा है। महंगे पेट्रोल-डीजल के कारण पंजाब के हरियाणा, हिमाचल प्रदेश , राजस्थान और चंडीगढ से सटे क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल पंपों को खासा नुकसान उठाना पड रहा है।़ पंजाब के मुकाबले पडोसी राज्यों में पेट्रोल-डीजल सस्ता बिकता है। पंजाब और हरियाणा दोनों कृषि  प्रधान देश  है और देश  का अन्न भंडार भरने में इन राज्यों का  बहुत बडा योगदान है। पंजाब में लगभग 40 फीसदी डीजल की खपत कृषि  सेक्टर द्वारा की जाती है। यही स्थिति हरियाणा में है। महंगे डीजल से कृषि  उत्पाद की लागत भी बढ जाती है और इससे किसानों का मार्जिन कम होता जा रहा है। पंजाब और हरियाणा सरकार को इन पहलुओं पर संजीदगी से विचार करना चाहिए। देश  का अन्नदाता खुशाहल है तो पूरा देश  समृद्ध है। अन्यथा सारा विकास बेकार चला जाएगा।