मुंबई के वानखेडे
स्टेडियम में शनिवार को भारतीय बल्लेबाज चितेश्वर पुजारा उस समय
झल्ला उठे जब उनके आउट होने पर दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
पुजारा समझ नहीं पाए कि स्टेडियम में क्रिकेट प्रेमी किस बात के लिए उनका तालियों से
स्वागत कर रहे हैं। उन्होंने कोई बहुत बडा स्कोर खडा नहीं किया था और जिस
समय पुजारा आउट हुए भारत को इंग्लैंड की पहली पारी के 400 रनों का पीछा
करना था मगर केएल राहुल और पुजारा के जल्द आउट होने पर भारत दबाव में आ गया
था। दरअसल, दर्शक पुजारा के आउट होने पर नहीं, इस बात के लिए तालियां बजा
रहे थे कि उनके आउट होने पर कप्तान विराट कोहली क्रीज पर आएंगें। फैंस
बेसब्री से कोहली की बैटिंग का इंतजार कर रहे थे। कोहली ने उन्हें निराश नहीं किया। उनकी 235 रनों की पारी ने ही भारत की जीत की नींव रखी।
पुजारा के आउट होते ही वानखेडे स्टेडियम “कोहली,,,,कोहली“ के नारों से
गूंज उठा था। कोहली के मैदान मे आते ही पूरा स्टेडियम जैसे झूम रहा था।
2013 में सचिन तेंदुलकर के रिटायर होने के बाद से विराट कोहली एकमात्र
टेस्ट खिलाडी हैं जिन्हें दर्शकों ने इस कद्र चाह है। विराट 2016 में तीन दोहरे शतक लगाने के बाद से कोहली की सचिन से तुलना भी
की जानी लग पडी है। सचिन का रिकार्ड बेजोड है और दुनिया के किसी भी
बल्लेबाज को इसे तोड पाना आसान नहीं है। टेस्ट और एक दिवसीय मैचों में
34,000 से ज्यादा रन और शतकों का शतक (100 शतक) सचिन के नाम है। निसंदेह,
यह अद्धितीय रिकार्ड है। विराट कोहली अब तक 15 टेस्ट और 26 एक दिवसीय शतक
जमा चुके हैं। कोहली को अभी सचिन के रिकार्ड के आस-पास पहुंचने के लिए भी
कई पापड बेलने पडेंगें। तथापि दर्शकों को भरोसा है कि दुनिया का अगर कोई
मौजूदा बल्लेबाज सचिन के रिकार्ड के करीब आ सकता है, तो वह विराट कोहली ही
है। इग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में कोहली की विराट पारी ने भारत की जीत
की नींव तो रखी ही मगर कई रिकार्ड भी बनाए। किसी भारतीय कप्तान द्धारा साल
में तीन दोहरे शतक बनाने का कोहली ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वे
अभी सिर्फ 28 साल के हैं और उनमें अभी कई रिकॅार्ड बनाने की क्षमता
है। 2011 में राहुल द्रविड के बाद एक साल मे 1000 टेस्ट रन बनाने वाले
विराट पहले खिलाडी हैं। 2014 में विराट इग्लैंड के खिलाफ बहुत ज्यादा रन
नहीं बना पाए थे। पांच टेस्ट श्रृंखला में कोहली 13.4 की औसत से मात्र 134
बना पाए थे और तब 39 रनों की उनकी सबसे बडी पारी थी। वही कोहली 2016 में
इग्लैंड के खिलाफ 126 की औसत से चार टेस्ट मैचों में 640 रन बना चुके है।
बतौर टेस्ट कप्तान विराट कोहली का रिकार्ड भी लाजवाब है। टीम इंडिया का
कप्तान बनने से पहले कोहली का टेस्ट में बल्लेबाजी औसत 41 के आस-पास था मगर
टेस्ट टीम को लीड करने के बाद से उनका बल्लेबाजी औसत 65.5 है। बतौर टेस्ट
कप्तान कोहली अब तक 6 शतक जामा चुके हैं और केवल तीन कप्तान- सुनील गावस्कर
(11 ) मोहम्मद अजहरुद्यीन (9) और सचिन तेंदुलकर (7) उनसे आगे है। विराट
एकमात्र ऐसे बल्लेबाज है जिनका टी20, एकदिवसीय और टेस्ट का औसत 50 से ऊपर
है। दुनिया के किसी भी बल्लेबाज का कोहली बराबर औसत नहीं है। विराट कोहली
की अगुवाई में 84 साल के टेस्ट करियर में भारत ने पहली बार लगााार तीन और
इससे अधिक 5 टेस्ट श्रृंखला में लगातार जीत दर्ज की है। डॉन ब्रैडमैन
(69.04 प्रतिश त) और जार्ज हैडली (66.67 प्रतिशत) के बाद विराट कोहली ( 52
प्रतिशत्) दुनिया के तीसरे एकमात्र क्रिकेटर हैं जो 50 के बाद अपनी पारी
को शतक में बदलने का मादा रखते हैं। सचिन तेंदुलकर के बाद विराट कोहली भारत
का वह नगीना है जो क्रिकेट के हर फार्मेट का बादशाह है।
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